Thursday, 30 November 2017

पाषाण काल

पाषाण काल


1.  पुरापाषाण संस्कृति का उदय किस युग में हुआ – अभिनूतन युग (इस युग में धरती बर्फ से ढकी हुई थी)
2.  कोपेनहेगन संग्रहालय की सामग्री से पाषाण, कांस्य और लौह युग का त्रियुगीन विभाजन किसने किया (UPPCS-2010) – थांमसन
3.  पुरापाषाण काल को कितने भागों में बाटा जाता है – 3 (निम्न पुरापाषाण काल, मध्य पुरापाषाण काल व उच्च पुरापाषाण का)
4.  पाषाण युग की सभी अवस्थाएं क्रमबार रूप में कहाँ विकसित हुई – बेलन और नर्मदा घाटी में
5.   किन स्थानों से पुरापाषाण युग की कोई जानकारी नहीं मिली – गंगा, यमुना व सिंध के मैदानी इलाकों से
6.   पुरापाषाण युग से किसके जीवाश्म मिले है – पशुओं के (मानव के नहीं)
7.   भारत में मानव सर्वप्रथम साक्ष्य कहाँ से मिला (Uttarakhand PCS-2006) – नर्मदा घाटी
8.   क्या पुरापाषाण काल में लोगों को कृषि, आग, स्थाई आवास, बर्तन, पशुपालन व कपड़े आदि की जानकारी थी – नहीं
9.   एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल कहाँ से प्राप्त हुए (UPPCS-2016) – दमदमा
10.      चार मानव कंकाल को एकसाथ दफनाए जाने का साक्ष्य – सराय नाहर राय
11.      विंध्य क्षेत्र के किस शिलाश्रय से सर्वाधिक मानव कंकाल मिले हैं (UPPCS-2016) – लेखहिया
12.      पुरापाषाण कालीन जीवनशैली कैसी थी – बड़े जानवरों का शिकार व खाद्य संग्रह करते थे
13.      पुरापाषाण कालीन लोग उत्पादक थे या उपभोक्ता – उपभोक्ता
14.      सामुदायिक जीवन का विकास किस काल में अधिक सुद्रढ़ हुआ – उत्तर पुरापाषाण काल में
15.      उत्तर पुरापाषाण काल में व्यक्ति कैसे रहते थे – समूहों या कुल में (जिससे परिवार संस्था का उदय हुआ)
16.      उत्तर पुरापाषाण काल में मानव का निवास स्थान क्या था – गुफा व झोपड़ियाँ
17.      उत्तर पुरापाषाण काल की चित्रकला से क्या ज्ञात होता है – पशुचर्म का प्रयोग वस्त्रों के रूप में होता था
18.      भारत में आदिम मानव कैसे औजारों का प्रयोग करते थे – अपरिष्कृत औजारों का
19.      मानव द्वारा सर्वप्रथम प्रयुक्त अनाज (UPPCS-1997) –  जौ
20.    निम्न पुरापाषाण काल अधिकांशत: कहाँ बीता – हिमयुग
21.    निम्न पुरापाषाण काल में किस प्रकार के औजारों का प्रयोग करते थे – कुल्हाणी या हस्त्कुठार (हैण्ड-एक्स), विदारिणी (क्लीवर) व खंडक (गंडासा)
22.    निम्न पुरापाषाण युग के स्थल वर्तमान में कहाँ पाए जाते है – पाकिस्तान के सोहन घाटी व तमिलनाडु क्षेत्र में
23.    क्या निम्न पुरापाषाण युग के मानव को कृषि का ज्ञान था – नहीं
24.    निम्न पुरापाषाणकालीन संस्कृति किन स्थानों को छोड़कर पूरे भारत में पी गई थी – सिन्ध व केरल
25.      मध्य पुरापाषाण काल को “फलक संस्कृति” क्यों कहते हैं – हथियार बनाने में जैस्पर, चर्ट आदि चमकीले पत्थरों के प्रयोग के कारण
26.      “मोस्तारी संस्कृति” किस काल से सम्बंधित थी – मध्य पुरापाषाण काल से
27.      मध्य पुरापाषाण काल की संस्कृति का प्रारूप स्थल – नेवासा (गोदावरी नदी के किनारे)
28.      किस स्थान से हड्डी के उपकरण व आभूषण प्राप्त हुए (UPPCS MAINS-2010) – महदहा
29.      उच्च पुरापाषाण काल की दो विश्वव्यापी विशेषताए – (1) नए चकमक उध्योग की स्थापना, (2) आधुनिक प्रारूप के मानव (होमोसेपियन्स) का उदय
30.      उच्च पुरापाषाण काल में किससे बने उपकरणों का उपयोग होता था – अस्थि से बने
31.      उच्च पुरापाषाण काल में कौन सी महत्वपूर्ण चीजें मिली – 1. सबसे पुराना हस्तकुठार, 2. पशु की हड्डी से बनी मूर्ति, 3. हाथी का सबसे पुराना जीवाश्म
32.      मध्य पाषाण काल में जलवायु कैसी थी – गर्म व शुष्क
33.      मध्य पाषाण काल के महत्वपूर्ण हथियार – इकधार फलक, बेघनी, अर्ध चन्द्राकार तथा समलम्ब
34.      मध्य पाषाण काल की जीवन शैली – पशुपालन एवं कृषि की शुरुआत एवं मिट्टी के बर्तन बनने प्रारंभ हुए  
35.      मध्य पाषाण काल में किस तकनीक का विकास हुआ – प्रक्षेपास्त्र तकनीक (इसी तकनीक से आगे तीर-कमान का विकास हुआ जिसकी वजह से मानव छोटे जानवरों का शिकार करने में सक्षम हुआ
36.      मध्य पाषाण काल मियन आवास अस्थाई क्यों होते थे – मानव आखेटक एवं पशुपालक था
37.      मध्य पाषाण काल में पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य कहाँ से मिलते है (UPPCS MAINS-2006, UPPCS SPL.-2008) – आदमगढ़ (मध्य प्रदेश) व बागोर (राजस्थान)
38.      मध्य पाषाण काल में युध्द का प्राचीनतम साक्ष्य व हत्या का प्रथम साक्ष्य कहाँ से मिलता है – सरायनाहर
39.      पशुओं की अधजली हड्डियाँ कहाँ से प्राप्त हुई – सरायनाहर (मध्य पाषाण काल में )
40.      गर्त चूल्हे का साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुआ – महदहा (मध्य पाषाण काल में)
41.      बर्तन के साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए – इलाहाबाद के चौपानिमांडो से (मध्य पाषाण काल में)
42.      कृषि के प्राचीनतम साक्ष्य वाला स्थल (UP LOWER SUB.-2004,2008) – लुहरादेव
43.      मिट्टी के बर्तन के प्राचीनतम साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए – इलाहाबाद के चौपानिमांडो से (मध्य पाषाण काल में)
44.      सिलबट्टा का साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुआ - महदहा (मध्य पाषाण काल में)
45.      झोंपड़ी (मधुमक्खी के छत्ते जैसी) के साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए - चौपानिमांडो से (मध्य पाषाण काल में)
46.      स्तम्भगर्त के साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए – सरायनाहर और महदहा से (मध्य पाषाण काल में)
47.      आवास स्थल के साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए – बागोर (राजस्थान) (मध्य पाषाण काल में)
48.      शवाधान के साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए – सरायनाहर(मध्य पाषाण काल में)
49.      पुरुष-स्त्री को एकसाथ दफनाने के साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए - महदहा (मध्य पाषाण काल में)
50.      मध्य पाषाणकाल के सामाजिक जीवन व आर्थिक क्रियाकलापों की जानकारी किससे मिलती है – पत्थर की गुफाओं पर बनाए गए चित्रों और नक्काशिओं से
51.      विंध्याचल की गुफाओं तथा शैलाश्रयों से किस प्रकार के चित्र मिलते ही – शिकार, युध्द एवं नृत्य के
52.      खाद्यान्नों की कृषि सर्वप्रथम किस काल में प्रारंभ हुई (UPPCS MAINS-2005) – नवपाषाण कल
53.      नवपाषाण कालीन संस्कृति के साक्ष्य किस स्थान पर मिले है – पकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त में अवस्थित मेहरगढ़ में
54.      मेहरगढ़ में नवपाषाण काल संस्कृति के अतिरिक्त किस संस्कृति के साक्ष्य मिले है – ताम्रपाषाण काल व कांस्ययुगीन संस्कृतियों के
55.      नवपाषाण काल में किसके बने हथियार एवं औजारों का प्रयोग करते थे – पालिशदार पत्थर के (खासतौर पर पत्थर की कुल्हाड़ी)
56.      सर्वप्रथम किसकी खेती की गई थी – रागी
57.      नवपाषाण काल में व्यक्ति किस समुदाय के थे – कृषक समुदाय (उतना ही उत्पादन करते थे जिससे उनका भरण-पोषण हो जाए)
58.      क्या नवपाषाण काल में व्यापार होता था – नहीं (कृषि और पशुपालन बड़े पैमाने पर होता था)
59.      नवपाषाण कालीन आर्थिक प्रणाली किसके माध्यम से चलती थी – आदान-प्रदान विनिमय प्रणाली
60.      सामुदायिक जीवन व्यतीत करना किस संस्कृति की देन है – नवपाषाण कालीन संस्कृति की
61.      किस पुरास्थल से पाषाण संस्कृति से लेकर हड़प्पा सभ्यता तक के सांस्कृतिक अवशेष प्राप्त हुए (UPPCS-2008) – मेहरगढ़
62.      नवपाषाण काल में किसकी पूजा होती थी – मातृदेवी की (पुनर्जन्म में विश्वास था)
63.      नवपाषाण काल में मानव “शक्ति के रूप में” किसे स्वीकार करते थे – प्रकृति को
64.      मानव के साथ कुत्ते को दफनाने का साक्ष्य कहाँ से मिला (UP LOWER SUB.-2008, Uttarakhand PCS-2010) – बुर्जहोम
65.      प्रथम कृषि का साक्ष्य कहाँ से मिला – मेहरगढ़
66.      मातृदेवी की लघु मूर्ति, सांड की मर्णमूर्ति व हाथी दांत के मनके कहाँ से मिले है – इनामगाँव
67.      सोने की बाली के साक्ष्य कहाँ से मिले है – टेक्कलकोट  
68.      पशुपालन का प्रथम साक्ष्य – बागोर, आदमगढ़
69.      हड्डी के औजार के साक्ष्य – चिरांद
70.      चावल व काँच की चूड़ियों के साक्ष्य – हस्तिनापुर
71.      गर्त आवास के साक्ष्य (UPPCS MAINS-2011) – बुर्जहोम
72.      लोहे का हँसिया, कुदाल व ताम्र चूड़ियों के साक्ष्य – जखेड़ा
73.      जोर्वे संस्कृति की प्रमुख विशेषता – टोटीदार बर्तन
74.      चावल का प्रथम साक्ष्य – कोल्डीहवा
75.      सूती कपड़े का साक्ष्य – नेवासा
76.      भारत के किस शैलाश्रय से सर्वाधिक चित्र प्राप्त हुए (UPPCS-2008) – भीमबेटका
77.      पंचोह (विंध्य क्षेत्र) से किन युगों की क्रमवार तरीके से जानकारी मिलती है – नवपाषाण, ताम्रपाषाण व लौहयुग की
78.      पुरापाषाण युग में शवाधान की कौन सी विधि प्रचलित थी – शवों को गाड़ना व खुले मैदान में छोड़ना
79.      प्रारम्भिक आवास का संकेत – आदमगढ़ (मध्य प्रदेश)
80.      प्रारम्भिक पशुपालन का संकेत – बागौर (राजस्थान)
81.      प्रारम्भिक वृक्षारोपण का संकेत – सांभर झील निक्षेप (राजस्थान)
82.      एकल एवं युग्म शवाधान का प्राचीनतम साक्ष्य – महदहा (उत्तर प्रदेश)
83.      गुफा चित्रकारी, हरा एवं लाल रंग का साक्ष्य – भीमबेटका (मध्य प्रदेश)
84.      कृषि एवं कृषक बस्ती के प्राचीनतम साक्ष्य – मेहरगढ़ (बलूचिस्तान, पाकिस्तान)
85.      धान की खेती का विश्व का प्राचीनतम साक्ष्य – कोल्डिहवा (उत्तर प्रदेश)
86.      विश्व के प्राचीनतम म्र्द्भांड की प्राप्ति – चौपानीमांडो (उत्तर प्रदेश)
87.      नव पाषण युग की समाप्ति के बाद (ताम्रपाषाण काल) सबसे पहले किस धातु का प्रयोग किया गया – ताँबा
88.      दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान की संस्कृति को क्या कहा जाता है – अहार संस्कृति (बनास नदी घाटी से जुड़े होने के कारण इसे “बनास संस्कृति” भी कहा जाता है)
89.      अहार का प्राचीन नाम – ताम्बावती (ताँबा वाली जगह)
90.      इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय कहाँ पर है (MPPCS-1997) – भोपाल
91.      ताम्रपाषाण काल के लोग किसकी पूजा करते थे – मार्तदेवी
92.      ताम्रपाषाण संस्कृति का पतन कैसे हुआ – सूखे के कारण
93.       ताम्रपाषाण काल के लोगों का मुख्य व्यवसाय – खेती एवं पशुपालन
94.      उत्तरी काली पालिशदार म्र्द्भांड संस्कृति का पहला साक्ष्य – तक्षशिला
95.      दक्षिण के महापाषाणिक संस्कृति की वास्तविक सूचना कहाँ से मिलती है – उनकी कब्रों से
96.      किस काल में मानव खाद्ध उत्पादन की अवस्था में आया – नवपाषाण काल
97.      महापाषाणों का सम्बन्ध किस काल से है - नवपाषाण काल
98.      आग का अविष्कार किस काल में हुआ – पुरापाषण काल
99.      कृषि व पहिए का अविष्कार किस काल में हुआ - नवपाषाण काल
100.                        मनुष्य में स्थायी निवास की प्रवृत्ति किस काल में हुई - नवपाषाण काल
101.                        मनुष्य नें सर्वप्रथम किस धातु का प्रयोग किया – ताँबा

102.                        मानव द्वारा बनाया गया प्रथम औजार – कुल्हाड़ी 

2 comments:

  1. Lucky Club Casino Site Review - LuckyClub.live
    Lucky Club Casino luckyclub is a brand of the Lucky Club casino and many others. We take pride in our reputation and pride in providing  Rating: 3.3 · ‎Review by LuckyClub.live

    ReplyDelete
  2. Bet on Football | Go and win with a no deposit bonus
    Looking 램 슬롯 for a place to play Bet on Football? ✓ The best place to play 토토 검증 먹튀 랭크 Bet on Football? ✓ The 샌즈바카라 best place to play Bet on Football? ✓ The best place to play Bet on Football? 꽁머니 ✓ The 윈벳 best place

    ReplyDelete